छात्रा ने किया शराबियों पर नकेल कसने वाला आविष्कार

भोपाल /पटना : भोपाल  के लक्ष्मी नारायण कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस से बीटेक कर रही पूर्णियां (बिहार) के गांव भवानीपुर की छात्रा ऐश्वर्य प्रिया ने ‘अल्कोहल डिटेक्टर एंड ऑटोमेटिक इंजन लॉकिंग सिस्टम’ का आविष्कार किया है। यह सिस्टम किसी भी फोर ह्विलर के इंजन में फिट कर देने पर वह शराबी सवारी को सूंघ लेता है और इंजन अपनेआप तत्काल बंद हो जाता है। जब तक शराबी वाहन सवार नीचे नहीं उतरेगा यानी वाहन से बाहर नहीं होगा, इंजन ऑटोमेटिकली चालू नहीं हो सकेगा। इस सिस्टम को लगाने में मात्र नौ सौ रुपए खर्च होते हैं।

हमारे देश में सड़क दुर्घटनाएँ इतनी बड़ी और खतरनाक समस्या बन गई हैं कि हर वर्ष लगभग एक छोटे शहर के बराबर की जनसंख्या मौत का शिकार हो जाती है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार हर वर्ष देश में सड़क हादसों में लगभग डेढ़ लाख लोग मर जाते हैं और उनसे कई गुना ज्यादा लोग घायल और अपंग हो जाते हैं। इस तरह हादसों से देश को हर वर्ष भारी आर्थिक और सामाजिक कीमत चुकानी पड़ती है। आकलन में ये पाया गया है कि नशे की हालत में गाड़ी चलाना इन दुर्घटनाओं का सबसे बड़ा कारण है।

केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी का कहना है कि सड़क हादसों में रोजाना करीब 400 लोगों की जान चली जाती है। उनमें ज्यादातर लोगों की मौत शराब पीकर वाहन चलाने से होती है। ऐसे में ऐश्वर्य प्रिया का आविष्कार देश के लिए किसी वरदान से कम नहीं। बिहार में शराबबंदी के बावजूद ऐसे हादसों में कोई कमी नहीं आई है। इसी को ध्यान में रखते हुए ऐश्वर्य प्रिया इस प्रोजेक्ट पर लगातार काम करती रहीं। कड़ी मेहनत के बाद उन्हें यह आश्चर्यजनक सफलता मिली है। सरकार यदि वाहनों में इस यंत्र का इस्तेमाल कराना सुनिश्चित कर दे तो शराब पीकर कोई गाड़ी नहीं चला पाएगा।

कॉलेज के प्रोफेसर भी इस काम में उनकी मदद कर रहे थे। ऐश्वर्य का आविष्कार सड़क हादसे रोकने में ऐतिहासिक भूमिका निभा सकता है। ऐश्वर्य ने अपना आविष्कार पिता रवि गुप्ता एवं मां इंदू देवी को समर्पित किया है। ऐश्वर्य बताती हैं कि वाहन के इंजन में लगने वाला यह सिस्टम बहुत कम स्पेस लेता है। इसलिए इसे कार या किसी भी बड़े वाहन के डैश बोर्ड पर रखा जा सकता है। इस सिस्टम का एक तार वाहन की बैटरी से और दूसरा तार इंजन से जोड़ दिया जाता है। इसके बाद यह शराबी चालकों या सवारियों की जासूसी शुरू कर देता है। यह सिस्टम जिस भी वाहन में फिट होगा, कोई शराबी उसे स्टार्ट नहीं कर पाएगा। सिस्टम उसकी सांस से अल्कोहल को डिटेक्ट कर लेता है। दोबारा वाहन तभी स्टार्ट होगा, शराबी वाहन से बाहर निकल जाए।

(साभार – योर स्टोरी)
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