पीसीओ की तरह खुलेंगे वाई-फाई कनेक्शन बूथ

नयी दिल्ली : देश में जल्द ही टेलीफोन पीसीओ की तर्ज पर दुकान और घरों से वाई-फाई कनेक्शन शेयर करके लोग पैसा कमा सकेंगे। इंटरनेट सुविधा के विस्तार के मद्देनजर दूरसंचार विभाग पब्लिक डाटा ऑफिस (पीडीओ) के व्यावसायिक इस्तेमाल को मंजूरी देने जा रहा है। जुलाई से इस व्यवस्था को समूचे देश में लागू किया जा सकता है।  दूरसंचार विभाग ने टेलीफोन को बढ़ावा देने के लिए तीन दशक पहले एसटीडी पीसीओ का प्रयोग किया था। उस दौरान हर गली-मोहल्ले में ऐसे टेलीफोन बूथ नजर आते थे। लेकिन मोबाइल के आने के बाद यह व्यवस्था पूरी तरह से खत्म हो गई, जिसे अब नए रूप में सामने लाने की रूपरेखा विभाग ने तैयार कर ली है। दूरसंचार मंत्रालय पीसीओ के स्थान पर पब्लिक डाटा ऑफिस लाने जा रहा है, इसके जरिये लोग वाई-फाई डाटा कूपन की बिक्री कर सकेंगे। घर या दुकान से लोग पीडीओ चला सकेंगे, जिसमें कम दर के कूपन होंगे। लोग 2 रुपये से लेकर 20 रुपये की कीमत पर कूपन लेकर इंटरनेट का इस्तेमाल कर सकेंगे।
दूरसंचार मंत्रालय ने इस योजना को देश में इंटरनेट और डाटा के विस्तार के मद्देनजर किया है। माना जा रहा है कि इस्तेमाल करने वालों की तादाद बढ़ने पर डाटा की दरों में कमी आएगी। मंत्रालय के एक अधिकारी के मुताबिक, जुलाई में इस व्यवस्था को लागू किया जाना है। इसके बाद पीसीओ की तर्ज पर पीडीओ आपको हर गली-मोहल्ले में देखने को मिलेंगे। अधिकारी के मुताबिक, इससे डिजिटल इंडिया, डिजिटल भुगतान सहित अन्य सरकारी योजनाओं को गति मिलेगी। उन्होंने बताया कि कूपन के इस्तेमाल की अवधि 30 मिनट से पूरे दिन के इस्तेमाल की रखी गई है और इसका भुगतान पेटीएम मोबाइल वॉलेट, भीम समेत अन्य के जरिये किया जा सकेगा। मौजूदा समय में 11 कंपनियां 415 स्थानों पर इसकी पायलट परियोजना शुरू करेंगी।
ट्राई की पायलट परियोजना रही सफल
मंत्रालय के मुताबिक, दूरसंचार नियामक ट्राई द्वारा किए गए पायलट परियोजना को पूरी सफलता मिली है। साथ ही दूरसंचार आयोग की ओर से इसके मद्देनजर की गई ट्राई की सिफारिशों को मंजूरी प्रदान कर दी गई है। सीओएआई के डीजी राजन मैथ्यूज का कहना है कि दूरसंचार विभाग पीडीओ के व्यावसायिक इस्तेमाल के लिए जल्द दिशा-निर्देश जारी करेगा। इनके आने के बाद कोई भी पब्लिक वाई-फाई एक्सेस प्वाइंट बना सकेगा।
लाखों लोगों को मिलेगा रोजगार
गौरतलब है कि ट्राई के मुताबिक, ऐेसे वाई-फाई हॉट स्पॉट लगने से दूरसंचार कंपनियों के नेटवर्क पर से बेवजह की बाधा हटेगी और लाखों लोगों को इससे रोजगार भी मिलेगा। उन्होंने कहा कि नई गाइडलाइंस के बाद गूगल, फेसबुक जैसी कंपनियां भी ग्राहकों को ये सेवाएं दे सकेंगी, जिसका टेलीकॉम कंपनियां विरोध कर रही हैं। जानकारों के मुताबिक गूगल, फेसबुक जैसी कंपनियां अगर यह सेवाएं देती हैं, तो नेट न्यूट्रैलिटी के नियमों का उल्लंघन होगा। विशेषज्ञ निखिल पाहवा के अनुसार, पीडीओ से न सिर्फ नई डाटा क्रांति आएगी, बल्कि लाखों लोगों को नए रोजगार के अवसर भी मिलेंगे।

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