6 साल बाद पाकिस्तान पहुंचकर मलाला ने कहा- इतनी खुश कभी नहीं हुई

खैबर पख्तूनख्वा : नोबेल शांति पुरस्कार विजेता पाकिस्तान की मलाला यूसुफजई 6 साल बाद पाकिस्तान वापस लौटी हैं। पाकिस्तान की स्वात घाटी में रहने वाली मलाला ने अपने उन दो सालों को याद किया जब वो तालिबान के डर के साए में जी रही थीं।
उनके ब्लॉग जिसमें वो लड़कियों की पढ़ाई की वकालत करती थीं उसकी वजह से तालिबान के एक बंदूकधारी ने उनके सिर में गोली मार दी थी। 20 साल की यूसुफजई को पाकिस्तान की आलोचना करने वाली और उस तरह के विचार फैलाने का आरोपी बनाया गया था जो इस्लाम के मूल्यों को मानने वाले देश के खिलाफ है।
खैबर पख्तूनख्वा पहुंचकर मलाला ने कहा कि मुझे मेरे धर्म पर गर्व है और मैं अपने देश पर गर्व करती हूं। अपने घर पहुंचकर मलाला काफी खुश थीं और वह स्वात घाटी जाना चाहती हैं। हालांकि उन्हें इसके लिए जरूरी पुलिस की सिक्योरिटी क्लीयरेंस नहीं मिल पाई है।

उन्होंने कहा- मैं कभी इतनी उत्साहित नहीं थी। मैं इतनी खुश कभी नहीं थी। मैं पाकिस्तान को लेकर बहुत कुछ मिस करती हूं। जिसमें नदियां, पहाड़, सड़कें और घरों के बाहर कूड़ा भी शामिल है। स्कूल में पढ़ाई के दौरान जिन दोस्तों के साथ मैं बातें किया करती थीं और जिन पड़ोसियों से लड़ाई। सब चीजें काफी याद आती हैं।

मलाला ने कहा कि वह काफी पहले देश वापस आना चाहती थीं लेकिन सुरक्षा कारणों और ऑक्सफोर्ड में दाखिला लेने की वजह से नहीं आ पाईं। वह नोबेल पुरस्कार जीतने वाली सबसे युवा शख्स हैं। तहरीक-ए-तालिबान ने लड़कियों की पढ़ाई, टीवी और म्यूजिक पर बैन लगा दिया था। जिससे महिलाओं के सार्वजनिक जीवन के हर पहलू पर पाबंदी लग गई थी।

इसके बाद साल 2012 में मलाला की स्कूल के अंदर तालिबान का एक नकाबपोश घुसा और उसने मलाला को इशारा करके बुलाया और उनके सिर में गोली मारकर फरार हो गया। इसके बाद सर्जरी के लिए वह ब्रिटेन गईं जहां वह तब से रह रही हैं।

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

nine + 2 =