पाठकों और रंगकर्मियों के लिए दस्तावेज़ ‘कला वसुधा’

जीतेन्द्र सिंह  पिछले दिनों लखनऊ से निकलने  वाली प्रदर्शनकारी कलाओं की त्रैमासिक पत्रिका कला वसुधा के पाँच अंक पढ़े ।

Spread the love
Read more

स्त्रियों की अन्तर्कथा : ‘अंतराल’

पूजा की छुट्टी से ठीक एक दिन पहले लेखिका द्वारा भेंट स्वरूप प्राप्त इस पुस्तक के शीर्षक ने मुझे सबसे

Spread the love
Read more

राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा है जलवायु परिवर्तन : पेंटागन

वॉशिंगटन : अमेरिका के कई प्रमुख सैन्य संस्थानों को जलवायु परिवर्तन के चलते बढ़ती समस्याओं का सामना करना पड़ रहा

Spread the love
Read more

भारत में कभी चलता था ढाई रुपये का नोट आज इसकी कीमत है सात लाख

राँची : भारत में कभी ढाई रुपये का नोट भी चलता था। इसे जानने वाले लोग शायद ही बचे हों।

Spread the love
Read more

लीक से हटकर भी फिल्में बननी चाहिए

जनवरी का महीना हो। रविवार हो। दोपहर का समय हो और आपको फिल्म देखने की इच्छा हो जाये। और उसके

Spread the love
Read more

110 साल पुराने पेड़ पर बनाई अनोखी लाइब्रेरी

अगर आप किताबें पढ़ने के शौकीन हैं तो आपके लिए यह रोमांचक खबर हो सकती है। एक शख्स ने लगभग

Spread the love
Read more

किसानों की कमाई बढ़ा रही है यह 20 रुपये की शीशी

एक सफ़ेद रंग की छोटी-सी 20 रूपये की शीशी आज किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है। यह शीशी

Spread the love
Read more

कभी केक में बटर इस्तेमाल करने पर थी पाबन्दी, प्रिंस ने पोप को पत्र लिखकर मांगी थी इजाजत

क्रिसमस का सबसे खास हिस्सा है केक। बिना केक क्रिसमस अधूरा  है। केक की कहानी भी बेहद दिलचस्प है। एक

Spread the love
Read more

रख्माबाई : स्त्री अधिकार और कानून

वरिष्ठ इतिहासकार सुधीर चन्द्र की पुस्तक ‘‘रख्माबाई स्त्री अधिकार और कानून’’ गुलाम भारत के समय की एक ऐतिहासिक घटना का

Spread the love
Read more

ये औरतों की चीज़ है

(ऋतेश पाण्डेय चर्चित संस्कृतिकर्मी हैं और नीलाम्बर के सचिव हैं। आमतौर पर स्त्रियों की समस्याओं पर इस कदर की गम्भीर

Spread the love
Read more