खास हो राखी की थाली

रक्षाबंधन के दिन राखी बांधने से पहले बहनें खूब प्यार से राखी की थाली को सजाती हैं। रक्षाबंधन के लिए जहाँ एक ओर बहनें अपने भाई के लिए बाजार से सबसे सुंदर राखी चुन कर ले आती हैं, वहीं रक्षाबंधन की थाली को सजाने के लिए भी बड़ी मेहनत करती हैं। दरअसल, राखी थाल में  मौजूद हर एक चीज का खास महत्व होता है। सबसे पहले यह जान लें कि राखी की थाली में किन चीजों का होना अनिवार्य है और यह भी जानें कि उन चीजों का क्या महत्व है –

1. राखी : राखी दरअसल, बहन की रक्षा और प्रेम के बंधन का प्रतीक है। साल दर साल यह भाईयों को याद दिलाता है कि उनकी एक जिम्मेदारी उनकी बहन भी है।

2. रोली: रोली को हिन्दू धर्म के रीति रिवाज और पूजा में इतना महत्वपूर्ण माना गया है। मस्तक के बीचो बीच रोली का टीका लगाने से बौद्धिक और आर्थिक विकास होता है।

3. कुमकुम या हल्दी: यह अच्छे भाग्य और संपूर्ण समृद्धि का प्रतीक है।

4. लंबे साबुत चावल (अक्षत): अक्षत के रूप चावल हमेशा साबुत ही लेते हैं। कहा ही जाता है अक्षत यानी जो टूटा ना हो। चावल अन्न में श्रेष्ठ होता है. इसलिए अक्सर देवी देवताओं की पूजा में अक्षत का इस्तेमाल किया जाता है। कच्चे चावल का तिलक में प्रयोग सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है।

5. पीली सरसों के बीज: पीली सरसों से नजर उतारी जाती है। भाई पर किसी बुरी नजर का साया न पड़ें इसके लिए पीली सरसों का इस्तेमाल किया जाता है।

6. दीपक:  राखी बांधने से पहले भाई की आरती उतारी जाती है।

7. मिठाई: मिठाई खिलाना इस बात का प्रतीक है कि बहन और भाई के रिश्ते में कभी कड़वाहट न आए, मिठाई की तरह यह मिठास हमेशा बनी रहे।

8. दही: हर शुभ कार्य करने से पहले दही खिलाई जाती है लेकिन राखी के दिन बहनें भाई की ललाट पर रोली और हल्दी के साथ दही का टीका भी लगाती हैं। इसे शुभता का प्रतीक माना गया है।

(साभार – इंडिया डॉट कॉम)

 

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

4 + twenty =