भारतीय भाषा परिषद और नीलांबर द्वारा साहित्यम का आयोजन

कोलकाता : शहर एक और शानदार साहित्यिक आयोजन का साक्षी बना। मौका था भारतीय भाषा परिषद और नीलांबर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम “साहित्यम्” की शानदार प्रस्तुति। नीलांबर सर्वदा ही हिंदी साहित्य में नए प्रयोग करने के लिए प्रयासरत रहता है जिसमें आधुनिक तकनीक के समावेश से आम लोगों के बीच में हिंदी साहित्य को पहुंचाने में इनकी शानदार कोशिश देखी जा रही है। इस कार्यक्रम में आमंत्रित अतिथि थे वागर्थ पत्रिका के संपादक,आलोचक एवं भारतीय भाषा परिषद के निदेशक डॉ शंभुनाथ और भारतीय भाषा परिषद की अध्यक्ष श्रीमती कुसुम खेमानी साथ ही नीलांबर समूह के अध्यक्ष,युवा साहित्यकार और कवि विमलेश त्रिपाठी। मुख्य अतिथि थे ब्रेथवेट एंड कंपनी के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर और सशक्त युवा कवि यतीश कुमार। कार्यक्रम के आरंभ में डॉ कुसुम खेमानी ने नीलांबर द्वारा साहित्य के क्षेत्र में योगदान की सराहना की। डॉ शंभुनाथ ने कहा कि नीलांबर ने साहित्य के लोकप्रियकरण के लिए सार्थक प्रयास किया है।विमलेश त्रिपाठी ने नीलांबर को एक परिवार की तरह बताया जो साहित्य और संस्कृति के लिए समर्पित है।यतीश कुमार ने इस साझा आयोजन को नदी और समंदर का मेल कहा।वक्तव्य के बाद कार्यक्रम का मंचन आरंभ हुआ जिसमें हिंदी साहित्य की विविध विधाओं का संगम देखने को मिला।शुरुआत में नीलांबर द्वारा निर्मित कवि सर्वेश्वर दयाल सक्सेना की कविता “कभी मत करो माफ” और कवि मुक्तिबोध की कविता “भूल गलती” पर मोंताज वीडियो की प्रस्तुति हुई जिनकी आवृत्तिकार हैं ममता पांडेय।दोनों कविताओं के मोंताज वीडियो की परिकल्पना और तकनीक पर ऋतेश पांडेय,मनोज झा और विशाल पांडेय ने काम किया है। कविता कोलाज “बदलते दृश्य” इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहा जिसमें नीलांबर टीम के कलाकार ऋतेश, पूनम,स्मिता,ममता, दीपक, विशाल, अभिषेक और प्रदीप ने कवि राकेश श्रीमाल,अभिज्ञात, निर्मला तोदी और अदनान कफ़ील दरवेश की कविताओं के अंश पर प्रस्तुति दी।इसके बाद लेखिका वंदना राग की कहानी “क्रिसमस कैरोल” पर फिल्म प्रदर्शित की गई।आशा पांडे की आवाज में कहानी पाठ के साथ-साथ कहानी के दृश्यों को स्क्रीन पर दिखाया गया जो अपने आप में एक नया अनुभव रहा। फिल्म में मुख्य भूमिका निभाई है-प्रख्यात रंगकर्मी और अभिनेत्री कल्पना झा,आशा पांडेय और विशाल पांडेय ने। नीलांबर टीम के अन्य कलाकारों का भी मुख्य कलाकारों के साथ अभिनय में समन्वय अद्भुत था।इस पूरे कार्यक्रम के सत्र का संचालन नीलांबर टीम की सदस्य एवं युवा शायरा रौनक अफरोज ने किया। आनंद गुप्ता ने सभी दर्शकों, श्रोताओं और अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापन दिया ।

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